लखनऊ,30 सितंबर। लखनऊ के व्यस्त बाजार अमीनाबाद में पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या ने दोपहर 12 बजे के आसपास फिर से हंगामा मचा दिया। स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों ने शिकायत की कि सड़कें अवैध वाहनों से पट चुकी हैं, जिससे जाम लंबा खिंच गया। पिछले 5 वर्षों में नगर निगम ने मल्टी-लेवल पार्किंग, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और वन-वे ट्रायल जैसी कई योजनाएं शुरू कीं, लेकिन फंड की कमी और कार्यान्वयन में लापरवाही से कोई समाधान नहीं निकला। एक व्यापारी ने बताया कि रोजाना सैकड़ों वाहन सड़क किनारे खड़े हो जाते हैं, जिससे एम्बुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होती हैं। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने शाम 4 बजे विशेष चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 50 से अधिक वाहनों पर चालान काटे गए, लेकिन स्थायी उपाय की कमी से समस्या जस की तस बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पार्किंग ऐप और सख्त सजा से ही यह मुद्दा हल हो सकता है। शाम 6 बजे नगर निगम आयुक्त ने घोषणा की कि अगले महीने स्मार्ट पार्किंग सिस्टम के लिए टेंडर जारी किया जाएगा, जिसमें जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग शामिल होगी। इससे बाजार क्षेत्र में 500 अतिरिक्त पार्किंग स्पॉट बनेंगे। व्यापारियों ने स्वागत किया, लेकिन फंड रिलीज में देरी न होने की चेतावनी दी। यह समस्या लखनऊ के शहरीकरण की चुनौतियों को दर्शाती है, जहां बढ़ती आबादी के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर पिछड़ रहा है।



