लखनऊ, 10 अक्टूबर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती की कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित महारैली को लेकर पूर्व विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य ने कड़ा रुख अपनाया है। मौर्य ने रैली को ED-CBI के दबाव का नतीजा बताते हुए मायावती पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मायावती ने बहुजन समाज का भरोसा तोड़ दिया है और जांच एजेंसियों के डर से भाजपा सरकार की तारीफ की है।
मौर्य, जो 2016 में बसपा छोड़ चुके हैं, ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मायावती जी ने बहुजन समाज का भरोसा तोड़ा है। ED-CBI के डर से वे भाजपा की तारीफ कर रही हैं।” जब पत्रकारों ने पूछा कि बसपा समर्थक रैली की भीड़ से विपक्ष के होश उड़ने का दावा कर रहे हैं, तो मौर्य ने तंज कसते हुए जवाब दिया, “किसी विपक्षी के होश नहीं उड़े हैं, होश उनके उड़े हैं। इसलिए उनकी सारी स्पीच भाजपा सरकार की महिमामंडन में ही गुजर गई।”
यह बयान मायावती की रैली के ठीक बाद आया है, जहां उन्होंने योगी सरकार द्वारा स्मारक स्थल की मरम्मत की सराहना की थी। मौर्य का यह हमला बसपा के आंतरिक असंतोष को उजागर करता नजर आ रहा है, खासकर पार्टी में बढ़ती गुटबाजी के बीच। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बयान 2027 विधानसभा चुनावों से पहले दलित वोट बैंक पर असर डाल सकता है।



