लखनऊ,24 मई । पंजाब पुलिस ने देर रात एक बड़े ऑपरेशन में ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी बजा दी थी। यह ऑपरेशन अमृतसर और जालंधर के सीमावर्ती इलाकों में चलाया गया, जहाँ खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर पंजाब में अस्थिरता फैलाने की साजिश रच रहा था।पुलिस ने पाँच संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनमें से दो अमृतसर के रहने वाले हैं और तीन अन्य जालंधर और लुधियाना से संबंधित हैं। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार, जिसमें AK-47 राइफलें, हैंड ग्रेनेड, और RDX जैसे विस्फोटक शामिल हैं, बरामद किए गए। इसके अलावा, ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों की तस्करी के सबूत भी मिले। पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव ने बताया कि यह नेटवर्क खालिस्तानी तत्वों के साथ मिलकर राज्य में बड़े पैमाने पर हमले की योजना बना रहा था।खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क का मकसद पंजाब में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देना और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले करना था। गिरफ्तार संदिग्धों में से एक, जिसका नाम गुरप्रीत सिंह बताया जा रहा है, ISI के हैंडलरों के साथ सीधे संपर्क में था। उसने पूछताछ में खुलासा किया कि नेटवर्क को फंडिंग और निर्देश पाकिस्तान से मिल रहे थे। ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी हाल के महीनों में बढ़ी है, जिसके लिए सीमा पर BSF की निगरानी को और सख्त किया गया है।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जाएगा। केंद्र सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और NIA को जाँच में शामिल किया गया है। स्थानीय लोगों में इस खबर से चिंता बढ़ी है, लेकिन पुलिस ने आश्वासन दिया कि स्थिति नियंत्रण में है। यह ऑपरेशन पंजाब में आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।



