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CJI पर भड़काऊ बयान के बाद यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ नोएडा पुलिस की कार्रवाई

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर । सोशल मीडिया पर हेट स्पीच के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा पुलिस ने मंगलवार को प्रमुख यूट्यूबर और दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर अजीत भारती को हिरासत में ले लिया। भारती पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) संजीव खन्ना के बाद नए CJI बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की घटना पर भड़काऊ टिप्पणियां करने का आरोप है।
पुलिस ने सेक्टर-58 थाने से उन्हें डीसीपी ऑफिस ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है, जो सोशल मीडिया क्राइम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के हालिया दिशानिर्देशों के अनुरूप लगती है।
भारती, जो बिहार के बेगूसराय निवासी हैं, ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में CJI गवई पर हमले की घटना पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कथित रूप से CJI का अपमान किया और समर्थकों को “घेराव” करने की बात कही। वायरल वीडियो क्लिप्स में उनके दो मेहमानों के साथ चर्चा में हिंदुओं से “प्रतिक्रिया” दिखाने की अपील की गई, जो IPC की धारा 153A (समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाना) और 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत अपराध है। घटना के बाद भारती ने X पर एक वीडियो डाला, जिसमें उन्होंने CJI का मजाक उड़ाया और घटना को तंज कसते हुए हंसते नजर आए।

यूट्यूब एजेंट अजीत भारती को देश की पुलिस ने हिरासत में लिया है। एक परदेश के मामलों में फिर खबर प्राप्त हुई है पुलिस सक्रिय रूप निभाना शुरू कर रही है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद आई है, जिसमें CJI ने हेट स्पीच पर सख्ती बरतने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां “मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक नुकसान” पहुंचाती हैं, और पुलिस को FIR दर्ज करने में देरी नहीं करनी चाहिए। पूर्व CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ ने भी हेट स्पीच को “बहुआयामी खतरा” बताते हुए अभिव्यक्ति की आजादी पर “चिलिंग इफेक्ट” न पड़ने की चेतावनी दी थी।

विपक्षी दलों ने इसे “चुनिंदा न्याय” का मामला बताया। कांग्रेस ने कहा कि जबकि शांतिपूर्ण कार्यकर्ताओं जैसे सोनम वांगचुक को NSA के तहत गिरफ्तार किया जाता है, तो हेट स्पीच फैलाने वालों पर कार्रवाई में देरी क्यों? भारती के लाखों फॉलोअर्स के बीच यह मामला वायरल हो रहा है, और #AjitBhartiArrested ट्रेंड कर रहा है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई तय होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।

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