लखनऊ, 22 मई। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट को कड़ी फटकार लगाते हुए एक जमानत याचिका को 27 बार टालने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन मानते हुए धोखाधड़ी के आरोपी लक्ष्य तवर को तुरंत जमानत दे दी।मामला लक्ष्य तवर से जुड़ा है, जिनके खिलाफ सीबीआई ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। उनकी जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में 27 बार सुनवाई टलने के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की बेंच ने सख्त टिप्पणी की, “जमानत जैसे मामले में 27 बार स्थगन अस्वीकार्य है। यह न्यायिक प्रक्रिया की गंभीर चूक है।”सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के 20 मार्च के उस आदेश पर भी सवाल उठाया, जिसमें निचली अदालत को जल्द सुनवाई का निर्देश दिया गया था, लेकिन फिर भी देरी हुई। कोर्ट ने लक्ष्य तवर को जमानत देते हुए हाई कोर्ट में लंबित याचिका खारिज कर दी और सीबीआई को नोटिस जारी किया।सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।



