HomeBUSINESSलखनऊ में 5G और AI क्रांति: उत्तर प्रदेश का नया टेक्नोलॉजी हब

लखनऊ में 5G और AI क्रांति: उत्तर प्रदेश का नया टेक्नोलॉजी हब

लखनऊ, 1 मई । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने को तैयार है। लखनऊ टेक वैली प्रोजेक्ट की शुरुआत के साथ, उत्तर प्रदेश सरकार ने 5G इनोवेशन हब और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च सेंटर की स्थापना की घोषणा की है। इस परियोजना में रिलायंस जियो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), और वैश्विक टेक कंपनी गूगल के साथ साझेदारी की गई है, जिसका उद्देश्य लखनऊ को भारत का अगला टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप हब बनाना है।

लखनऊ टेक वैली क्या है?

लखनऊ के सुल्तानपुर रोड पर 300 एकड़ में फैला यह टेक वैली 5G टेक्नोलॉजी, AI, और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर केंद्रित होगा। यह हब 5G-सक्षम स्मार्ट सिटी समाधानों, जैसे ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्मार्ट हेल्थकेयर, और डिजिटल कृषि, के लिए टेस्टिंग और डेवलपमेंट का केंद्र होगा। साथ ही, AI रिसर्च सेंटर लखनऊ के स्थानीय व्यवसायों, जैसे चिकनकारी ई-कॉमर्स और कृषि-तकनीक स्टार्टअप्स, के लिए मशीन लर्निंग मॉडल विकसित करेगा। परियोजना में 100% रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग होगा, जो उत्तर प्रदेश के 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा लक्ष्य के अनुरूप है।

उत्तर प्रदेश के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

लखनऊ पहले से ही उत्तर प्रदेश का शैक्षिक और प्रशासनिक केंद्र है, और अब यह टेक्नोलॉजी का गढ़ बन रहा है। सरकार की डिजिटल यूपी पहल के तहत, लखनऊ में 5G कनेक्टिविटी को पूरे शहर में रोल आउट किया जा रहा है, जिससे स्टार्टअप्स और व्यवसायों को हाई-स्पीड इंटरनेट और क्लाउड सेवाओं तक पहुंच मिलेगी। आईआईटी-कानपुर और लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से, टेक वैली में एक AI स्किलिंग प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, जो 5 लाख युवाओं को अगले तीन वर्षों में प्रशिक्षित करेगा।आर्थिक और तकनीकी प्रभाव
लखनऊ टेक वैली से अगले पांच वर्षों में 75,000 उच्च-कुशल रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट, और 5G नेटवर्क विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को $1 ट्रिलियन की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, 5G और AI के उपयोग से लखनऊ के पारंपरिक उद्योग, जैसे हस्तशिल्प और कृषि, डिजिटल मार्केटप्लेस और स्मार्ट फार्मिंग के जरिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे। उदाहरण के लिए, AI-आधारित ऐप्स लखनऊ की चिकनकारी को ऑनलाइन डिजाइन और बिक्री के लिए अनुकूलित करेंगे।लखनऊ के स्टार्टअप्स के लिए अवसर
टेक वैली में एक 5G इनक्यूबेटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप्स को 5G टेक्नोलॉजी और AI टूल्स तक मुफ्त पहुंच प्रदान करेगा। इससे लखनऊ के स्टार्टअप्स, जैसे स्मार्ट हेल्थकेयर ऐप्स और डिजिटल कृषि समाधान, वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर सकेंगे। सरकार ने 200 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड भी शुरू किया है, जो स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करेगा।
यह लखनऊ टेक वैली उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। 5G और AI के दम पर, लखनऊ न केवल भारत का टेक्नोलॉजी हब बनेगा, बल्कि स्थानीय व्यवसायों और युवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के डिजिटल भविष्य की नींव रख रही है, जहां परंपरा और तकनीक एक साथ मिलकर प्रगति कर रहे हैं।

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