लखनऊ, 7 जून । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज बकरीद (ईद-उल-अजहा) का पर्व पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। शहर की 100 से अधिक मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई, जिसमें हजारों मुसलमानों ने देश की तरक्की, एकता और सलामती के लिए दुआएं मांगीं।
इस अवसर पर टीले वाली मस्जिद में 20,000 से अधिक और बड़े इमामबाड़े की आसिफी मस्जिद में 5,000 से ज्यादा नमाजियों ने नमाज अदा की। यह दृश्य मुसलमानों के देशप्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया।मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नमाजियों से अपील की कि वे केवल उन जानवरों की कुर्बानी करें, जिन पर कानूनी पाबंदी नहीं है, और कुर्बानी के अवशेषों को चिह्नित स्थानों पर ही निस्तारित करें। उन्होंने कहा, “बकरीद का त्योहार बलिदान और भाईचारे का प्रतीक है। हमें नमाज में मुल्क की तरक्की और अमन-चैन के लिए दुआ करनी चाहिए।”ऐशबाग ईदगाह में भी सैकड़ों नमाजियों ने नमाज अदा की, जहां राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने मौलाना खालिद रशीद से मुलाकात की। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए, जिसमें 15 कंपनी पीएसी और एक कंपनी आरएएफ तैनात की गईं। पुराने लखनऊ में फ्लैग मार्च भी किया गया।



