लखनऊ, 1 अगस्त। मुंबई जो देश की आर्थिक राजधानी और सपनों का शहर मानी जाती है, शुक्रवार सुबह 6:30 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण ठहर सा गया। भारी बारिश ने शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाओं को ठप कर दिया, और कई इलाकों में जलभराव ने यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। यह घटना मुंबई की बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था की कमियों को एक बार फिर सामने लाती है। मौसम विभाग ने सुबह 7:00 बजे मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया, जिसमें 100 मिमी से अधिक बारिश की चेतावनी दी गई। सायन, कुर्ला, और ठाणे जैसे इलाकों में सुबह 8:00 बजे तक सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात रेंगने लगा। X पर दोपहर 2:00 बजे तक यात्रियों ने स्टेशनों पर भीड़ और जलभराव की तस्वीरें साझा कीं। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “सुबह से स्टेशन पर खड़ी हूं, लेकिन कोई ट्रेन नहीं आई। सड़कों पर पानी भरा होने से ऑटो और बसें भी नहीं मिल रही थीं।” पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे ने दोपहर 3:00 बजे तक 20 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दीं। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने जलभराव से निपटने के लिए पंप शुरू किए, लेकिन नालियों की खराब स्थिति और अतिक्रमण के कारण कई इलाकों में पानी जमा रहा। नगरीय विकास विशेषज्ञ दीपक राव ने कहा, “मुंबई में हर साल बारिश के दौरान यही हाल होता है। BMC और रेलवे की तैयारियां हमेशा नाकाफी रहती हैं।” शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर कहा, “मुंबईकर हर साल बारिश में इस त्रासदी को झेलते हैं। BMC को स्थायी समाधान ढूंढना होगा, न कि हर बार बहाने बनाना।” मुख्यमंत्री ने दोपहर 1:00 बजे आपात बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की और BMC को जल निकासी के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। यह घटना मुंबई की बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर करती है, जो बारिश के मौसम में हर साल सामने आती हैं।



