लखनऊ,7 अक्टूबर । लखनऊ में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पूरे शहर में उत्साह का माहौल रहा। उत्तर प्रदेश सरकार ने 7 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था, जिसके तहत सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, बैंक और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह’ का उद्घाटन किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन के बाद कहा, “महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश दिया। उनका जीवन समाज को एकजुट करने और समानता का पैगाम देने का प्रतीक है। हमारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ इसी रामराज्य की अवधारणा पर आधारित है।” कार्यक्रम में रामायण पाठ, भजन-कीर्तन, नृत्य नाटिका और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। शहर के विभिन्न मंदिरों जैसे हुसैनाबाद वाल्मीकि मंदिर और जानकीपुरम में भंडारे आयोजित किए गए, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लालबाग वाल्मीकि मंदिर में माल्यार्पण किया और कहा, “वाल्मीकि जी के आदर्श हमें सेवा और सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल भी मौजूद रहीं। वाल्मीकि समाज के नेताओं ने अवकाश बहाली पर सीएम का आभार जताया, जो 2017 के बाद पहली बार हुआ। पुलिस ने शोभायात्राओं और कार्यक्रमों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। यह पर्व दलित और वाल्मीकि समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, जो रामायण के रचयिता को समर्पित है।



