लखनऊ,26 मई । उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जफराबाद थाना क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाला तिहरा हत्याकांड हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त कर दिया। नेवादा अंडरपास के पास जल निगम की पाइप पर बने एक चूड़ी पेरने के वर्कशॉप में पिता लालजी (50), उनके बेटे यादवीर (32), और गुड्डू कुमार (25) की हथौड़े से सिर कूचकर निर्मम हत्या कर दी गई।
घटना का विवरण
जफराबाद थाना क्षेत्र के नेवादा अंडरपास के पास स्थित एक वर्कशॉप में यह जघन्य हत्याकांड हुआ। लालजी और उनके दो बेटे रात में काम के सिलसिले में वर्कशॉप पर रुके थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने भारी और धारदार हथियार, संभवतः हथौड़े, से तीनों के सिर पर वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हमलावरों ने सबूत मिटाने के लिए वर्कशॉप में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी साथ ले गए, जिससे जांच में चुनौती बढ़ गई है। यह हमला सुनियोजित लगता है, और स्थानीय लोगों में पुरानी रंजिश या संपत्ति विवाद की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही जफराबाद थाने की पुलिस और जौनपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू की। एसपी ने आठ विशेष टीमें गठित की हैं, जो हत्यारों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज की अनुपस्थिति के बावजूद, पुलिस आसपास के अन्य कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर सुराग जुटा रही है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने इसे प्राथमिकता वाला मामला बताया है।
इस तिहरे हत्याकांड ने जौनपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत फैला दी है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं, और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।
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जैसे हैंडल्स ने इसे “जंगलराज” का उदाहरण बताया, जिससे राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। स्थानीय समुदाय में तनाव है, और लोग पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जौनपुर का यह तिहरा हत्याकांड न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह क्षेत्र में बढ़ते अपराध और असुरक्षा की भावना को दर्शाता है। पुलिस की सक्रियता और पारदर्शी जांच से ही इस मामले में न्याय संभव है। इस घटना ने एक बार फिर अपराध नियंत्रण और सामुदायिक सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत को उजागर किया है।



