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डॉ.असद अब्बास एक न्यूरोलॉजिस्ट ही नहीं नेक दिल इंसान भी हैं

ज़की भारतीय

डॉ. असद अब्बास, एमबीबीएस, एमडी, डीएम (न्यूरोलॉजिस्ट) एक मशहूर न्यूरो फिजिशियन ही नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान हैं जिनका दिल रहम और इंसानियत से भरा है। बाराबंकी जिले के कूढ़ा सआदत (Kudha Saadat) के रहने वाले डॉ. असद अब्बास ने अपनी जिंदगी का हर पल मरीजों की सेवा और जरूरतमंदों की मदद के लिए समर्पित किया है। उनके पिता, एक ईमानदार वकील, ने उन्हें सच्चाई और मेहनत का पाठ पढ़ाया, जो उनकी जिंदगी का आधार बना।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

डॉ. असद अब्बास की शुरुआती पढ़ाई बाराबंकी में हुई। सीपीएमटी के बाद उनका दाखिला लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हुआ, उन्होंने एमबीबीएस, एमडी और डीएम (न्यूरोलॉजी) की डिग्री हासिल की। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बनाया। KGMU से निकलने के बाद उन्होंने कई बड़े संस्थानों और अस्पतालों में अपनी सेवाएं दीं, जहां उनके इलाज से हजारों मरीजों को नई जिंदगी मिली।

न्यूरो केयर क्लीनिक मरीजों के लिए एक आश्रय

डॉ. असद अब्बास ने अपनी विशेषज्ञता को जनता तक पहुंचाने के लिए लखनऊ में दो क्लीनिक खोले। पहला क्लीनिक, न्यूरो केयर क्लीनिक, लखनऊ के सिटी स्टेशन के पास मूंगफली मंडी के निकट स्थित है, जो पुराने लखनऊ के मरीजों के लिए वरदान है। दूसरा क्लीनिक गोमती नगर में लुलु मॉल के निकट है, जो बाराबंकी, सीतापुर और आसपास के इलाकों से आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए बनाया गया।उनका मकसद साफ था—हर मरीज को इलाज मिले, चाहे वह कितना ही गरीब क्यों न हो। पुराने लखनऊ के मरीजों को गोमती नगर आने में होने वाली परेशानी को देखते हुए उन्होंने सिटी स्टेशन वाला क्लीनिक जारी रखा। डॉ. असद अब्बास सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सिटी स्टेशन के क्लीनिक में बैठते हैं, जबकि बाकी दिनों में गोमती नगर के क्लीनिक में मरीजों का इलाज करते हैं। यह व्यवस्था उनके मरीजों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाती है।

मरीजों के प्रति अपार करुणा

डॉ. असद अब्बास का क्लीनिक सिर्फ इलाज का स्थान नहीं, बल्कि मरीजों के लिए एक उम्मीद की किरण है। उनकी बातों में नजाकत, व्यवहार में सौम्यता और मरीजों को हौसला देने की कला उन्हें औरों से अलग बनाती है। वह मरीजों को सिर्फ दवा नहीं देते, बल्कि उनकी आधी बीमारी तो अपने सकारात्मक रवैये और आत्मविश्वास से ही ठीक कर देते हैं।वह निर्धन मरीजों के लिए खास तौर पर संवेदनशील हैं। जहां ज्यादातर डॉक्टर जांच के लिए मरीजों पर दबाव डालते हैं, वहीं डॉ. असद उन मरीज की ही जांचें करवाते हैं जिनकी जांचें जरूरी होती हैं । और उसमें भी 30-40% तक छूट अपने पर्चे पर लिख देते हैं और पैथालॉजी से मरीजों को छूट प्रदान कर दी जाती है। अगर उन्हें लगता है कि मरीज बहुत गरीब है, तो वह जांच और इलाज का खर्च अपने निजी धन से उठाते हैं।

धर्मगुरुओं, शायरों या मर्सिया ख्वानों से वह फीस नहीं लेते। उनकी इस नेकी का लाभ न सिर्फ गरीब, बल्कि समाज के हर वर्ग को मिलता है।उनका स्टाफ भी उनकी तरह ही तत्पर और मददगार है। जरूरी मामलों में, खासकर जब मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है, उनका स्टाफ और सहयोगी डॉ. अजीम तुरंत नंबर लगाकर मरीज को डॉ. असद अब्बास तक पहुंचाते हैं। उनकी यह कार्यशैली मरीजों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं।

डॉ.असद की कहानी मुझ मरीज की ज़बानी

डॉ. असद अब्बास से मेरी मुलाक़ात 14 साल पहले तब हुई थी जब मुझे कुछ न्यूरो की परेशानी हुई थी। डॉ. असद अब्बास ने न सिर्फ मेरी बीमारी का इलाज किया, बल्कि फीस लेने से भी मना कर दिया। इन 14 सालों में, डॉ. असद अब्बास ने कभी फीस नहीं ली और उनके द्वारा सिफारिश किए गए गरीब मरीजों का भी मुफ्त इलाज किया। कुछ मामलों में, उन्होंने दवाइयां तक अपने खर्च पर उपलब्ध करवाईं।हाल ही में, जब मुझे हार्ट सर्जरी के बाद ब्रेन हेमरेज की समस्या हुई, तो डॉ. असद ने तुरंत मेरी गंभीर स्थिति को भांप लिया। रात में मैसेज मिलने के बाद, उन्होंने सुबह मुझको बुलाया, सीटी स्कैन करवाया और तुरंत मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती होने की सलाह दी। उनकी सलाह और त्वरित निर्णय ने मेरी जान बचाई। डॉ. असद अब्बास ने न सिर्फ मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. मनु रस्तोगी और डॉ. मजहर हुसैन से बात की, बल्कि पूरे इलाज के दौरान मॉनिटरिंग सुनिश्चित की। उनकी मेहनत और दुआओं का नतीजा था कि ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ी और मैं पूरी तरह ठीक हो गए।

डॉ. असद अब्बास एक फरिश्ता हैं जो लोगों की खिदमत के लिए उतारे गए हैं

डॉ. असद अब्बास सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि एक फरिश्ता हैं, जो गरीबों और बेसहारों की मदद के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। उनकी शख्सियत में इंसानियत, करुणा और सादगी का अनोखा संगम है। उनके दोनों बेटे भी उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं—एक बेटा राम मनोहर लोहिया अस्पताल से एमबीबीएस कर रहा है, जबकि दूसरा शिक्षा के क्षेत्र में है। मेरे पास डॉ. असद अब्बास की तारीफ के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। उनकी नेकी, उनकी सेवा और उनका जज्बा किसी किताब में समेटना मुश्किल है। हम दुआ करते हैं कि अल्लाह डॉ. असद और उनके परिवार को हमेशा खुश रखे, उनकी हर मुराद पूरी करे और उनका साया जरूरतमंदों पर बना रहे।डॉ. असद अब्बास जैसे लोग इस दुनिया में कम ही होते हैं, जो अपनी जिंदगी को दूसरों की भलाई के लिए समर्पित कर देते हैं। उनकी कहानी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है, जो मानवता की सेवा करना चाहता है।

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