https://www.fapjunk.com https://pornohit.net london escort london escorts buy instagram followers buy tiktok followers
HomeINDIAपतंजलि द्वारा बनाई गई कोविड -19 की दवा पर पूर्ण विराम ,...

पतंजलि द्वारा बनाई गई कोविड -19 की दवा पर पूर्ण विराम , कोरोना की कहकर नहीं बिकेगी दवा

दिल के अरमां आँसुओँ में बह गए

लखनऊ, संवाददाता । बाबा रामदेव की पतंजलि द्वारा बनाई गई कोविड -19 की दवा पर आज पूर्ण विराम लग गया है । क्योंकि आज आयुष मंत्रालय ने ये बात साफ़ कर दी है कि पतंजलि द्वारा निर्मित दवा को कोविड-19 की दवा कहकर नहीं बेचा जा सकता है । कोरोनिल नामक ये दवा अब सिर्फ इम्युनिटी बूस्टर की तरह बेचीं जा सकेगी । आज ये बात खुद आयुष मंत्रालय द्वारा बताई गई है । कई दिनों से जारी इस दवा को लेकर विवाद चल रहा था हालाँकि इस दवा को लेकर पहले ही आयुष मंत्रालय ने साफ़ तौर से कह दिया था कि इसका लाइसेंस ही नहीं लिया गया है इसलिए इसका प्रचार प्रसार न किया जाए यही नहीं बल्कि पतंजलि को प्रचार प्रसार न किये जाने के संबंध में नोटिस भी जारी कर दिया गया था । कल बाबा रामदेव ने स्वयं इस दवा को लेकर अपना बयान पलट दिया था । बताते चलें ,कोरोनिल की लॉन्चिंग के समय बाबा रामदेव और पतंजलि ने कोरोनिल को कोरोना वायरस की दवा के रूप में लॉन्च किया था। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने कहा है कि उसके और केंद्रीय मंत्रालय के बीच अब कोई मतभेद नहीं है। मंत्रालय ने पिछले सप्ताह इस मामले की जांच तक, आयुर्वेदिक दवा नहीं बेचने को भी कहा था। हालाँकि हरिद्वार में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोग भारतीय संस्कृति के उदय से आहत हैं। रामदेव ने कहा, मैं इस दवा का इस्तेमाल करने की इच्छा रखने वालों से कहता हूं कि अब इसकी बिक्री पर कोई रोक नहीं है। यह किट आज से देशभर में बिक्री के लिए उपलब्ध है। उनके इस बयान से प्रतीत होता है, वो इस दवा को लेकर लोगों में अभी भी भ्रम की स्थिति चाहते हैं ।
रामदेव ने कहा कि मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पतंजलि उत्पाद की बिक्री कर सकती है, लेकिन कोरोना बीमारी का इलाज बताकर नहीं। बयान में कहा गया कि आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल को इम्युनिटी बूस्टर के रूप में बिक्री करने की इजाजत दी है, ना कि कोविड-19 की दवा के रूप में।
रामदेव ने दावा किया कि मंत्रालय ने कंपनी से कहा है कि वह ‘कोविड ट्रीटमेंट’ शब्द की जगह ‘कोविड मैनेजमेंट’ शब्द का प्रयोग करे और कंपनी इस बात को मानेगी। हालांकि, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी बाबा रामदेव ने दावा किया कि कोरोनिल से हल्के बीमार लोगों पर सफल परीक्षण किया गया है। कंपनी के बयान में कहा गया कि जरूरी मंजूरियों के बाद किए गए परीक्षण में सात दिनों के भीतर मरीजों की शत-प्रतिशत रिकवरी देखी गई।
बाबा रामदेव ने कहा, कुछ लोगों को लगता है कि रिसर्च सूट और टाई पहनने वालों का एकाधिकार है। उन्हें लगता है कि भगवा पहनने वाले संन्यासी को कोई शोध करने का अधिकार नहीं है। यह किस तरह की अस्पृश्यता और असहिष्णुता है ?
पतंजलि ने बयान में कहा कि मंत्रालय के अनुसार, राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण, आयुर्वेदिक और उत्तराखंड सरकार द्वारा दिए गए लाइसेंस के मुताबिक पतंजलि को देशभर में अपनी दिव्य कोरोनिल टैबलेट, दिव्य श्वासारि और दिव्य अनु तालिया के निर्माण और वितरण की अनुमति है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read