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कोरोना के खिलाफ लड़ाई में गेम चेंजर के रूप में साबित होगी ये स्वदेशी दवा

लखनऊ, संवाददाता| कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच टीकाकरण अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने पर सरकार ज़ोर दे रही है | इसी कड़ी में अब रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ( डीआरडीओ ) द्वारा विकसित एंटी कोविड-19 DG को मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लांच किया | कहा जा रहा है (डीआरडीओ ) की दवा कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक गेम चेंजर के रूप में साबित होने वाली है | वर्तमान समय में भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए दो स्वदेशी वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन का टीका दिया जा रहा है ,वहीं पिछले सप्ताह रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी का टीका लगाने की शुरुआत की गई है | अब (डीआरडीओ ) की 2 दिन की दवा लांच होने के बाद करोना के खिलाफ अधिक तत्परता और तेजी के साथ लड़ा जा सकता है |

इत्तेला के मुताबिक (डीआरडीओ ) की एंटी कोरोना ड्रग 2 – DG फिलहाल AIIMS ,सशस्त्र बल अस्पतालों, DRDO की अस्पतालों जहां इनकी जरूरत हो, वहां उपलब्ध होगी | हालांकि DRDO के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने कहा कि जून के पहले सप्ताह से यह दवा देशभर के सभी अस्पतालों में उपलब्ध करा दी जाएगी |

सतीश रेड्डी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “एंटी सीआइओबीआईडी ड्रग के पहले बैच का सीमित तरीके से उपयोग किया जाएगा | इसका उपयोग एआईआईएमएस सशस्त्र बलों के अस्पतालों डीआरडी अस्पतालों और किसी भी अन्य स्थानों पर किया जाएगा | जहां आवश्यकता होगी जून से इस दवा को देशभर के सभी अस्पतालों में उपलब्ध करवा दिया जाएगा | DRDO प्रमुख ने आगे कहा कि इस दवा का उत्पादन चल रहा है और इसका दूसरा बैच मई के अंतिम सप्ताह के आसपास आ जाएगा | 2 DG का नियमित उत्पादन जून के पहले सप्ताह से शुरू होगा |
उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे बैच में दवा की उत्पादन अवधि बढ़ाई जाएगी और जून के पहले सप्ताह से इसे देश के सभी अस्पतालों और अन्य चिकित्सा सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा|
DRDO प्रमुख सतीश रेड्डी ने आगे कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उत्पादन का समय और इसका चक्र लगभग 1 महीने का है | भारत के औषधि महानियंत्रक DCGI से अनुमोदन के बाद इस दवा के उत्पादन को लेकर उद्योग वास्तव में कड़ी मेहनत कर रहा है, लेकिन सामान्य उत्पादन क्षमता तक पहुंचने में 1 महीन लगेगा |

इस तरह होगा इस दवा का असर

कोरोना संक्रमण के विरुद्ध DRDO की ये दवा किस तरह से असरदार है इस संबंध में सतीश रेड्डी ने जानकारी देते हुए कहा कि वैक्सीन सीधे कोविड-19 कोशिकाओं पर काम करती है और उनमें अवशोषित हो जाती है | यह वायरस को गुणा करने यानी बढ़ाने और अन्य स्वस्थ कोशिकाओं में जाने से रोकता है | यह प्रतिरक्षा पर भी काम करता है यह मरीज के ऐम्यून सिस्टम पर भी काम करता है ताकि व्यक्ति तेजी से ठीक हो सके |
जहां तक इस दवा के खुराक का संबंध है तो व्यक्ति को लगभग 5 से 7 दिनों तक दिन में दो बार इसकी डोस लेने की जरूरत होती है | उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति के वजन और डॉक्टर के परामर्श पर निर्भर करता है |

आपको बताते चलें कि करोना के पहले फेस के दौरान इससे लड़ाई के खिलाफ तैयारियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी संस्थाओं से अपील की थी और शायद पीएम के आवाहन का अनुसरण करते हुए DRDO ने 2 DG के एक कोविड-19 चिकित्सीय अनुप्रयोग को विकसित करने की पहल की | अप्रैल 2020 में महामारी की पहली लहर के दौरान INMAS -DRDO के वैज्ञानिकों ने हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी CCMB की सहायता से प्रयोग शुरू किया और पाया कि यह अणु SARS COV -2 वायरस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करता है और वायरस के विकास को रोकता है | 2 DG दवा पाउच में पाउडर के रूप में आती है जिसे पानी में घोलकर मौखिक रूप से लिया जाता है | यह वायरस से संक्रमित कोशिकाओं में जमा हो जाता है और वायरल संश्लेषण और ऊर्जा उत्पादन को रोक कर वायरस के विकास को रोकता है वायरस से संक्रमित कोशिकाओं में इसका चयनात्मक संचय इस दवा को अद्वितीय बनाता है |

आपको बता दें कि सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की एंटी covid -19 जी को लांच किया | DRDO ने यह दवा डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज के सहयोग से विकसित की | DCGI ने इस दवा को पहले ही मंजूरी दे दी है | रक्षा मंत्री ने इस दवा की पहली खेप को लांच किया | जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने एम्स और डीजीएएफएमएस को सौंपा है | DRDO प्रमुख ने कहा कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन डीआरडीओ द्वारा विकसित एंटी कोविड ड्रग 2 डीजी के पहले बैच को जारी करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को दवा को आशा की एक नई किरण करार दिया और कहा कि यह भारत के वैज्ञानिकों का एक बड़ा उदाहरण है |

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